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mahabharat 8.24.54: इस प्रकार नकुल को पराजित करके कर्ण भी तुरन्त ही चन्द्रमा के समान श्वेत घोड़ों से जुते हुए तथा ऊँची ध्वजाओं से युक्त रथ पर सवार होकर पांचालों की ओर चल पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 8.24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार  »  श्लोक 54
 
 
श्लोक  8.24.54 
तं विजित्याथ कर्णोऽपि पञ्चालांस्त्वरितो ययौ।
रथेनातिपताकेन चन्द्रवर्णहयेन च॥ ५४॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार नकुल को पराजित करके कर्ण भी तुरन्त ही चन्द्रमा के समान श्वेत घोड़ों से जुते हुए तथा ऊँची ध्वजाओं से युक्त रथ पर सवार होकर पांचालों की ओर चल पड़ा।
 
Having thus defeated Nakula, Karna too immediately proceeded towards the Panchalas in a chariot drawn by horses as white as the moon and with lofty flags.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)