Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.24.51: यद्यपि नकुल मारे जाने की स्थिति में पहुँच गया था, तथापि कुन्ती को दिए गए वचन को स्मरण करके धर्म को जानने वाले वीर कर्ण ने उस समय उसे मारा नहीं, अपितु जीवित ही छोड़ दिया ॥51॥ | mahabharat अध्याय 8.24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यद्यपि नकुल मारे जाने की स्थिति में पहुँच गया था, तथापि कुन्ती को दिए गए वचन को स्मरण करके धर्म को जानने वाले वीर कर्ण ने उस समय उसे मारा नहीं, अपितु जीवित ही छोड़ दिया ॥51॥
Although Nakul had reached a state of being ready to be killed, yet remembering the promise given to Kunti, the brave Karna, who knew Dharma, did not kill him at that time, but left him alive. ॥ 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥