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mahabharat 8.24.44-45h: अत्यन्त बलवान और अस्त्रविद्या के ज्ञाता कर्ण द्वारा युद्ध में घायल होकर नकुल सहसा भाग गए। उस समय उनकी समस्त इन्द्रियाँ व्याकुल हो रही थीं। 44 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार  »  श्लोक 44-45h
 
 
श्लोक  8.24.44-45h 
स हन्यमान: समरे कृतास्त्रेण बलीयसा॥ ४४॥
प्राद्रवत् सहसा राजन् नकुलो व्याकुलेन्द्रिय:।
 
 
अनुवाद
अत्यन्त बलवान और अस्त्रविद्या के ज्ञाता कर्ण द्वारा युद्ध में घायल होकर नकुल सहसा भाग गए। उस समय उनकी समस्त इन्द्रियाँ व्याकुल हो रही थीं। 44 1/2॥
 
Nakul suddenly ran away after being injured in the battle by Karna, who was very strong and knowledgeable in weapons. At that time all his senses were getting disturbed. 44 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)