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mahabharat 8.24.29: जब कर्ण और नकुल के बाणों से सब लोग मारे गये, तब वे दोनों महारथी योद्धा बाणों की वर्षा से एक दूसरे को घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 8.24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  8.24.29 
प्रोत्सारितजने तस्मिन् कर्णपाण्डवयो: शरै:।
अविध्येतां महात्मानावन्योन्यं शरवृष्टिभि:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
जब कर्ण और नकुल के बाणों से सब लोग मारे गये, तब वे दोनों महारथी योद्धा बाणों की वर्षा से एक दूसरे को घायल करने लगे।
 
When everybody was driven away by the arrows of Karna and Nakul, then both those great-hearted warriors began injuring each other with a shower of their arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)