Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.24.17: वहाँ लगे हुए वे बाण माद्रीपुत्र नकुल को उसी प्रकार सुशोभित करने लगे जैसे सम्पूर्ण जगत् में अपना तेज फैलाने वाले सूर्य अपनी किरणों से प्रकाशित होते हैं ॥17॥ | mahabharat अध्याय 8.24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ लगे हुए वे बाण माद्रीपुत्र नकुल को उसी प्रकार सुशोभित करने लगे जैसे सम्पूर्ण जगत् में अपना तेज फैलाने वाले सूर्य अपनी किरणों से प्रकाशित होते हैं ॥17॥
Those arrows that stuck there adorned Madri's son Nakula in the same way as the Sun, who spreads his radiance all over the world, is illuminated by his rays. ॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥