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mahabharat 8.24.1: संजय कहते हैं - हे राजन! जब वीर योद्धा नकुल युद्धभूमि में कौरव सेना को भगा रहे थे, तब वैकर्तन कर्ण ने क्रोधित होकर उन्हें रोक दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 24: नकुल और कर्णका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा नकुलकी पराजय और पांचाल-सेनाका संहार  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.24.1 
संजय उवाच
नकुलं रभसं युद्धे द्रावयन्तं वरूथिनीम्।
कर्णो वैकर्तनो राजन् वारयामास वै रुषा॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! जब वीर योद्धा नकुल युद्धभूमि में कौरव सेना को भगा रहे थे, तब वैकर्तन कर्ण ने क्रोधित होकर उन्हें रोक दिया।
 
Sanjaya says - O King! While the valiant warrior Nakul was chasing away the Kaurava army on the battlefield, Vaikartana Karna angrily stopped him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)