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mahabharat 8.22.30: आपकी सेना में मंथन और हलचल मचाने के बाद पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर के सैनिकों ने पुनः कर्ण पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  8.22.30 
तां ते सेनां समालोड्य पाण्डुपुत्रस्य सैनिका:।
विक्षोभयित्वा च पुन: कर्णं समभिदुद्रुवु:॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
आपकी सेना में मंथन और हलचल मचाने के बाद पाण्डुपुत्र युधिष्ठिर के सैनिकों ने पुनः कर्ण पर आक्रमण कर दिया।
 
After churning and creating a stir in your army, the soldiers of Yudhishthira, son of Pandu, again attacked Karna.
 
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि संकुलयुद्धे द्वाविंशोऽध्याय:॥ २२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें संकुलयुद्धविषयक बाईसवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ २२॥

 
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)