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mahabharat 8.22.29: इस प्रकार आपके हाथियों को मारकर उन श्रेष्ठ पाण्डव योद्धाओं ने देखा कि आपकी सेना तट तोड़ती हुई नदी के समान सब ओर भाग रही है।   |   mahabharat अध्याय 8.22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  8.22.29 
एवं हत्वा तव गजांस्ते पाण्डुरथकुञ्जरा:।
द्रुतां सेनामवैक्षन्त भिन्नकूलामिवापगाम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार आपके हाथियों को मारकर उन श्रेष्ठ पाण्डव योद्धाओं ने देखा कि आपकी सेना तट तोड़ती हुई नदी के समान सब ओर भाग रही है।
 
Having thus slain your elephants, those excellent Pandava warriors saw that your army was fleeing in all directions like a river breaking its banks.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)