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mahabharat 8.22.25: सहदेव ने चौंसठ तीखे बाणों से उन महाभागवत हाथियों में से आठ को शीघ्रतापूर्वक मार डाला। वे सभी अपने सवारों सहित गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 8.22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  8.22.25 
तेषामष्टौ महानागांश्चतु:षष्ट्या सुतेजनै:।
सहदेवो जघानाशु तेऽपतन् सह सादिभि:॥ २५॥
 
 
अनुवाद
सहदेव ने चौंसठ तीखे बाणों से उन महाभागवत हाथियों में से आठ को शीघ्रतापूर्वक मार डाला। वे सभी अपने सवारों सहित गिर पड़े।
 
Sahadeva quickly killed eight of those great elephants with sixty-four sharp arrows. All of them fell down along with their riders.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)