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mahabharat 8.22.22: क्रोध से भरकर पांडव, पांचाल और सोमक योद्धाओं ने नकुल को सूर्य के समान बादलों में घिरा हुआ देखा और तुरंत म्लेच्छों पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  8.22.22 
तैश्छाद्यमानं नकुलं दिवाकरमिवाम्बुदै:।
परिपेतु: सुसंरब्धा: पाण्डुपाञ्चालसोमका:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
क्रोध से भरकर पांडव, पांचाल और सोमक योद्धाओं ने नकुल को सूर्य के समान बादलों में घिरा हुआ देखा और तुरंत म्लेच्छों पर आक्रमण कर दिया।
 
Filled with rage, the Pandava, Panchala and Somaka warriors saw Nakula being engulfed by clouds like the Sun, and immediately attacked the mlecchas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)