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mahabharat 8.22.1: संजय कहते हैं - हे राजन! आपके पुत्र दुर्योधन की आज्ञा पाकर बहुत से महावत क्रोधित होकर हाथियों के साथ आये और धृष्टद्युम्न को मार डालने की नीयत से उस पर टूट पड़े।   |   mahabharat अध्याय 8.22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 22: पाण्डव-सेनापर भयानक गजसेनाका आक्रमण, पाण्डवोंद्वारा पुण्ड्रकी पराजय तथा बंगराज और अंगराजका वध, गजसेनाका विनाश और पलायन  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  8.22.1 
संजय उवाच
हस्तिभिस्तु महामात्रास्तव पुत्रेण चोदिता:।
धृष्टद्युम्नं जिघांसन्त: क्रुद्धा: पार्षतमभ्ययु:॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! आपके पुत्र दुर्योधन की आज्ञा पाकर बहुत से महावत क्रोधित होकर हाथियों के साथ आये और धृष्टद्युम्न को मार डालने की नीयत से उस पर टूट पड़े।
 
Sanjaya says - O King! On receiving the orders from your son Duryodhana, many mahouts came with elephants in anger and attacked Dhrishtadyumna with the intention of killing him.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)