Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.21.33: जैसे लाल चंदन के वृक्षों को काट देने पर उनमें से रक्तवर्णी रस निकलता है, उसी प्रकार एक-दूसरे के प्रहारों से मारे गए योद्धा युद्धभूमि में रक्त से लथपथ, प्राणहीन होकर पड़े थे और उनके शरीर से रक्त बह रहा था॥ 33॥ | mahabharat अध्याय 8.21: कौरव-पाण्डव-दलोंका भयंकर घमासान युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे लाल चंदन के वृक्षों को काट देने पर उनमें से रक्तवर्णी रस निकलता है, उसी प्रकार एक-दूसरे के प्रहारों से मारे गए योद्धा युद्धभूमि में रक्त से लथपथ, प्राणहीन होकर पड़े थे और उनके शरीर से रक्त बह रहा था॥ 33॥
Just as the red sandalwood trees, when cut down, ooze blood-coloured juice, similarly the warriors, killed by each other's blows, were lying on the battlefield soaked in blood and lifeless and bleeding from their bodies.॥ 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥