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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 21: कौरव-पाण्डव-दलोंका भयंकर घमासान युद्ध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  8.21.16 
तालशब्दांश्च विविधाञ्शूराणां चाभिगर्जताम्।
श्रुत्वा तत्र भृशं त्रेसु: पेतुर्मम्लुश्च सैनिका:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
सामने के योद्धाओं की गर्जना सुनकर बहुत से सैनिक भय से कांप उठे, बहुत से गिर पड़े और बहुत से लज्जा से भर गये।
 
On hearing the roaring sounds of the warriors in front, many of the soldiers trembled in fear, many fell down and many were filled with shame.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)