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mahabharat 8.20.49: कुशल योद्धा अश्वत्थामा ने पाँच उत्कृष्ट बाण चलाकर हाथी के छह टुकड़े कर दिए। फिर तीन बाणों से उसने राजा के चार टुकड़े कर दिए। इस प्रकार उसने दोनों को मिलाकर दस भागों में बाँट दिया। ठीक वैसे ही जैसे एक कुशल पुरोहित यज्ञ में इंद्र आदि दस देवताओं के लिए हवि को दस भागों में बाँट देता है।   |   mahabharat अध्याय 8.20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  8.20.49 
स तु द्विप: पञ्चभिरुत्तमेषुभि:
कृत: षडंशश्चतुरो नृपस्त्रिभि:।
कृतो दशांश: कुशलेन युध्यता
यथा हविस्तद्दशदैवतं तथा॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
कुशल योद्धा अश्वत्थामा ने पाँच उत्कृष्ट बाण चलाकर हाथी के छह टुकड़े कर दिए। फिर तीन बाणों से उसने राजा के चार टुकड़े कर दिए। इस प्रकार उसने दोनों को मिलाकर दस भागों में बाँट दिया। ठीक वैसे ही जैसे एक कुशल पुरोहित यज्ञ में इंद्र आदि दस देवताओं के लिए हवि को दस भागों में बाँट देता है।
 
The skilled warrior Ashvatthama shot five excellent arrows and cut the elephant into six pieces. Then with three arrows he cut the king into four pieces. In this way he divided the two together into ten parts. Just as a skilled priest divides the offerings into ten parts for the ten deities like Indra in a yagya.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)