श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  8.20.38 
विरथान् रथिनश्चक्रे गजानश्वांश्च भारत।
गजान् बहुभिरानर्छच्छरै: संनतपर्वभि:॥ ३८॥
 
 
अनुवाद
हे भारत! उसने बहुत से सारथिओं को रथहीन कर दिया, सवारों और घुड़सवारों के हाथियों और घोड़ों को मार डाला तथा गाँठवाले बहुत से बाणों से बहुत से हाथियों को अत्यन्त पीड़ा पहुँचाई।
 
Bhaarat! He rendered many charioteers chariotless, killed the elephants and horses of the elephant riders and horsemen and with numerous arrows having bent knots he inflicted great pain on many elephants.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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