श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  8.20.36 
अस्त्रैरस्त्राणि संवार्य छित्त्वा सर्वायुधानि च।
प्राप्तमप्यहितं द्रौणिर्न जघान रणेप्सया॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार अश्वत्थामा ने अपने अस्त्रों से पाण्ड्यों को निःशस्त्र करके उनके समस्त अस्त्र-शस्त्र काट डाले, तथापि युद्ध की इच्छा के कारण उसने अपने वश में आये हुए शत्रु को भी नहीं मारा ॥36॥
 
In this way, Ashwatthama, after disarming the Pandyas with his weapons, cut off all their weapons, however, due to his desire for war, he did not even kill the enemy who had come under his control. 36॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd