श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  8.20.35 
सूतमेकेषुणा हत्वा महाजलदनि:स्वनम्।
धनुश्छित्त्वार्धचन्द्रेण तिलशो व्यधमद् रथम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
फिर एक ही बाण से सारथि को मारकर, उसके धनुष को, जो महामेघ के समान शब्द कर रहा था, अर्धचन्द्राकार बाण से काट डाला और उसके रथ को टुकड़े-टुकड़े करके नष्ट कर दिया ॥35॥
 
Then, killing the charioteer with a single arrow, He cut off his bow, which was making a sound like that of a great cloud, with a crescent-shaped arrow and destroyed his chariot piece by piece. ॥ 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)