श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  8.20.23 
तान् शरानच्छिनत् पाण्ड्यो नवभिर्निशितै: शरै:।
चतुर्भिरर्दयच्चाश्वानाशु ते व्यसवोऽभवन्॥ २३॥
 
 
अनुवाद
परन्तु पाण्ड्य नरेश ने नौ तीक्ष्ण बाणों से उन सब बाणों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया। फिर चार बाणों से उनके घोड़ों को बड़ी पीड़ा पहुँचाई, जिससे वे शीघ्र ही प्राण त्याग बैठे॥ 23॥
 
But Pandya Naresh broke all those arrows into pieces with nine sharp arrows. Then with four arrows he inflicted great pain on his horses, due to which they soon gave up their lives.॥ 23॥
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