श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  8.20.21 
मर्मभेदिभिरत्युग्रैर्बाणैरग्निशिखोपमै:।
स्मयन्नभ्यहनद् द्रौणि: पाण्ड्यमाचार्यसत्तम:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
तब आचार्यप्रवर अश्वत्थामने हँसते हुए अपने अत्यन्त भयंकर और अग्नि भाले के समान चमकने वाले भेदी बाणों द्वारा पाण्ड्यराज को घायल कर दिया॥21॥
 
Then Acharyapravar Ashvatthamane injured the Pandyan king smilingly with his piercing arrows which were very fierce and as bright as a fire spear. 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)