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mahabharat 8.20.18: राजन! आप शरद ऋतु में गरजते हुए फसल-नाशक मेघ के समान प्रतीत होते हैं, तथा अपने रथ की गर्जना से आकाश और पृथ्वी को प्रतिध्वनित करते हैं। 18॥   |   mahabharat अध्याय 8.20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  8.20.18 
महता रथघोषेण दिवं भूमिं च नादयन्।
वर्षान्ते सस्यहा मेघो भासि ह्रादीव पार्थिव॥ १८॥
 
 
अनुवाद
राजन! आप शरद ऋतु में गरजते हुए फसल-नाशक मेघ के समान प्रतीत होते हैं, तथा अपने रथ की गर्जना से आकाश और पृथ्वी को प्रतिध्वनित करते हैं। 18॥
 
King! You appear like a crop-killing cloud roaring in autumn, resonating with the sky and the earth with the thunderous sound of your chariot. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)