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mahabharat 8.20.10-11: शक्ति, प्रास और तारकस के साथ घुड़सवार और घोड़े भी यमलोक भेज दिए गए। पुलिन्द, खस, बाह्लीक, निषाद, आन्ध्र, कुन्तल, दक्षिणात्य और भोज प्रदेश के रणकौशलवान योद्धाओं ने अपने बाणों से उन्हें अस्त्र-शस्त्र और कवच सहित पराजित करके उनके प्राण हर लिए। 10-11॥   |   mahabharat अध्याय 8.20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 20: अश्वत्थामाके द्वारा पाण्ड्यनेरशका वध  »  श्लोक 10-11
 
 
श्लोक  8.20.10-11 
सशक्तिप्रासतूणीरानश्वारोहान् हयानपि।
पुलिन्दखसबाह्लीकनिषादान्ध्रककुन्तलान्॥ १०॥
दाक्षिणात्यांश्च भोजांश्च शूरान् संग्रामकर्कशान्।
विशस्त्रकवचान् बाणै: कृत्वा चैवाकरोद् व्यसून्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
शक्ति, प्रास और तारकस के साथ घुड़सवार और घोड़े भी यमलोक भेज दिए गए। पुलिन्द, खस, बाह्लीक, निषाद, आन्ध्र, कुन्तल, दक्षिणात्य और भोज प्रदेश के रणकौशलवान योद्धाओं ने अपने बाणों से उन्हें अस्त्र-शस्त्र और कवच सहित पराजित करके उनके प्राण हर लिए। 10-11॥
 
The horsemen and horses along with Shakti, Prasa and Tarkas were also sent to Yamalok. Pulinda, Khas, Bahlika, Nishad, Andhra, Kuntal, Dakshinatya and Bhoj Pradesh's battle-hardened warriors, by defeating them with weapons and armor with their arrows, took away their lives. 10-11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)