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mahabharat 8.19.7: उस समय उग्रायुध के पुत्र ने अत्यन्त बलवान दंशकारी सर्पों के समान तीन बाणों द्वारा अर्जुन को घायल कर दिया, तब अर्जुन ने उसका सिर काट डाला॥7॥   |   mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  8.19.7 
तमविध्यत् त्रिभिर्बाणैर्दन्दशूकैरिवाहिभि:।
उग्रायुधसुतस्तस्य शिर: कायादपाहरत्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
उस समय उग्रायुध के पुत्र ने अत्यन्त बलवान दंशकारी सर्पों के समान तीन बाणों द्वारा अर्जुन को घायल कर दिया, तब अर्जुन ने उसका सिर काट डाला॥7॥
 
At that time, the son of Ugrayudha pierced Arjuna with three arrows like those of snakes having a very strong biting nature. Then Arjun took off his head. 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)