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mahabharat 8.19.52-53h: अर्जुन! इस महायुद्ध में तुमने जो पराक्रम दिखाया है, वह या तो तुम्हारे योग्य है या स्वर्ग में इन्द्र के योग्य है।'   |   mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ  »  श्लोक 52-53h
 
 
श्लोक  8.19.52-53h 
एतत् तवैवानुरूपं कर्मार्जुन महाहवे॥ ५२॥
दिवि वा देवराजस्य त्वया यत् कृतमाहवे।
 
 
अनुवाद
अर्जुन! इस महायुद्ध में तुमने जो पराक्रम दिखाया है, वह या तो तुम्हारे योग्य है या स्वर्ग में इन्द्र के योग्य है।'
 
Arjuna! The valour you have displayed in this great war is either worthy of you or of Lord Indra in heaven.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)