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mahabharat 8.19.49-50h: यहाँ की भूमि राजाओं के सुन्दर कुण्डलधारी मुखों से आच्छादित है, जो चन्द्रमा और तारों के समान चमकते हैं और जिनके दाढ़ी-मूँछ वाले पूर्ण चन्द्रमा के समान मुख हैं। 49 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ  »  श्लोक 49-50h
 
 
श्लोक  8.19.49-50h 
चन्द्रनक्षत्रभासैश्च वदनैश्चारुकुण्डलै:॥ ४९॥
क्लृप्तश्मश्रुभिराकीर्णां पूर्णचन्द्रनिभैर्महीम्।
 
 
अनुवाद
यहाँ की भूमि राजाओं के सुन्दर कुण्डलधारी मुखों से आच्छादित है, जो चन्द्रमा और तारों के समान चमकते हैं और जिनके दाढ़ी-मूँछ वाले पूर्ण चन्द्रमा के समान मुख हैं। 49 1/2॥
 
‘The land here is covered with the beautiful ear-ringed faces of the kings, as radiant as the moon and the stars and with full moon-like faces having beard and moustache. 49 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)