Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.19.41-43: देखो, छोटी-छोटी स्वर्ण घंटियों से सुसज्जित अनेक रथ टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं और नाना प्रकार के घोड़े रक्त से लथपथ पड़े हैं। योद्धाओं के चारों ओर अनुकर्ष, उपसंग, पताकाएँ, नाना प्रकार की ध्वजाएँ, बड़े-बड़े श्वेत शंख बिखरे पड़े हैं और बहुत से पर्वताकार हाथी जीभ निकाले सो रहे हैं। | mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देखो, छोटी-छोटी स्वर्ण घंटियों से सुसज्जित अनेक रथ टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं और नाना प्रकार के घोड़े रक्त से लथपथ पड़े हैं। योद्धाओं के चारों ओर अनुकर्ष, उपसंग, पताकाएँ, नाना प्रकार की ध्वजाएँ, बड़े-बड़े श्वेत शंख बिखरे पड़े हैं और बहुत से पर्वताकार हाथी जीभ निकाले सो रहे हैं।
‘Look, many chariots decorated with small golden bells have been broken into pieces and various types of horses are lying soaked in blood. Anukrsha, Upasanga, banners, various types of flags, large white conches are scattered all around the warriors and many mountain-sized elephants are lying sleeping with their tongues out.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥