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mahabharat 8.19.40-41h: पायल और आभूषणों से सुसज्जित हाथ बिखरे पड़े हैं। हाथियों की सूँड़ के समान मोटी, वेगशाली योद्धाओं की जाँघें कटकर गिर पड़ी हैं और योद्धाओं के कुंडलों से सुसज्जित सिर, जिन पर सुंदर चूड़ामणि बँधी थी, भी टूटकर इधर-उधर बिखरे पड़े हैं। यह सब युद्धभूमि की अद्वितीय शोभा बढ़ा रहा है।'   |   mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ  »  श्लोक 40-41h
 
 
श्लोक  8.19.40-41h 
साङ्गुलित्रैर्भुजाग्रैश्च विप्रविद्धैरलंकृतै:।
हस्तिहस्तोपमैश्छिन्नैरूरुभिश्च तरस्विनाम्॥ ४०॥
बद्धचूडामणिवरै: शिरोभिश्च सकुण्डलै:।
 
 
अनुवाद
पायल और आभूषणों से सुसज्जित हाथ बिखरे पड़े हैं। हाथियों की सूँड़ के समान मोटी, वेगशाली योद्धाओं की जाँघें कटकर गिर पड़ी हैं और योद्धाओं के कुंडलों से सुसज्जित सिर, जिन पर सुंदर चूड़ामणि बँधी थी, भी टूटकर इधर-उधर बिखरे पड़े हैं। यह सब युद्धभूमि की अद्वितीय शोभा बढ़ा रहा है।'
 
‘Hands adorned with anklets and ornaments are lying thrown away. The thighs of the swift warriors, as thick as the trunks of elephants, have fallen down after being cut and the heads adorned with earrings of the warriors, on which beautiful Chudamani was tied, have also been broken and are lying scattered here and there. All of this is adding to the unique beauty of the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)