Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.19.32-33: देखो, ये बहुत-सी कुल्हाड़ियाँ, सोने के बने भाले, सोने से मढ़े हुए भाले, सोने के पत्तों से जड़ी हुई बड़ी-बड़ी गदाएँ, सोने की ढालें, सोने से सजे हुए करधनी और सोने से रंगे हुए दण्ड, चारों ओर पड़े हुए हैं।॥ 32-33॥ | mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देखो, ये बहुत-सी कुल्हाड़ियाँ, सोने के बने भाले, सोने से मढ़े हुए भाले, सोने के पत्तों से जड़ी हुई बड़ी-बड़ी गदाएँ, सोने की ढालें, सोने से सजे हुए करधनी और सोने से रंगे हुए दण्ड, चारों ओर पड़े हुए हैं।॥ 32-33॥
Look at the many axes lying thrown around along with the spears made of gold, the spears adorned with gold, the huge maces studded with gold leaves, the golden shields, the golden decorated belts and the gold painted staffs.॥ 32-33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥