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mahabharat 8.19.30: ये सुनहरे पंखों वाले, मुड़े हुए अग्रभाग वाले, तथा तेल से धोकर स्वच्छ किए हुए बाण धनुष से गिरकर सर्पों के समान पड़े हुए हैं; इन्हें देखो।   |   mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  8.19.30 
जातरूपमयै: पुङ्खै: शरांश्च नतपर्वण:।
तैलधौतांश्च नाराचान् विमुक्तानिव पन्नगान्॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
ये सुनहरे पंखों वाले, मुड़े हुए अग्रभाग वाले, तथा तेल से धोकर स्वच्छ किए हुए बाण धनुष से गिरकर सर्पों के समान पड़े हुए हैं; इन्हें देखो।
 
These arrows with bent tips having golden feathers and these arrows cleaned by washing in oil have fallen off from the bow and are lying like serpents; look at them. 30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)