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mahabharat 8.19.3-4: भल्ल, क्षुर, अर्धचन्द्र और वत्सदन्त नामक अस्त्रों से पाण्डुपुत्र अर्जुन ने युद्धस्थल में अपने सामने खड़े हुए विरोधियों के रथों में जुते हुए बलवान घोड़ों, सारथियों, ध्वजाओं, धनुष, बाणों, तलवारों, हाथों, हाथों में रखे हुए शस्त्रों, भुजाओं और सिरों को काट डाला। ॥3-4॥   |   mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ  »  श्लोक 3-4
 
 
श्लोक  8.19.3-4 
धुर्यान् धुर्यगतान् सूतान् ध्वजां श्चापासिसायकान्।
पाणीन् पाणिगतं शस्त्रं बाहूनपि शिरांसि च॥ ३॥
भल्लै: क्षुरैरर्धचन्द्रैर्वत्सदन्तैश्च पाण्डव:।
चिच्छेदामित्रवीराणां समरे प्रतियुध्यताम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
भल्ल, क्षुर, अर्धचन्द्र और वत्सदन्त नामक अस्त्रों से पाण्डुपुत्र अर्जुन ने युद्धस्थल में अपने सामने खड़े हुए विरोधियों के रथों में जुते हुए बलवान घोड़ों, सारथियों, ध्वजाओं, धनुष, बाणों, तलवारों, हाथों, हाथों में रखे हुए शस्त्रों, भुजाओं और सिरों को काट डाला। ॥3-4॥
 
With the weapons called Bhall, Kshura, Ardhachandra and Vatsadanta, son of Pandu, Arjuna cut off the strong horses harnessed to the chariots, charioteers, flags, bows, arrows, swords, hands, weapons held in hands, arms and heads of the opponents facing him in the battle-field. ॥3-4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)