Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.19.15: माननीय महोदय! सव्यसाची अर्जुन के बाणों से घायल होकर हाथी, घोड़े और मनुष्य चक्कर खाते, लड़खड़ाते, गिरते, चीखते और उदास हो जाते॥ 15॥ | mahabharat अध्याय 8.19: अर्जुनके द्वारा संशप्तक-सेनाका संहार, श्रीकृष्णका अर्जुनको युद्धस्थलका दृश्य दिखाते हुए उनके पराक्रमकी प्रशंसा करना तथा पाण्ड्यनरेशका कौरव-सेनाके साथ युद्धारम्भ । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
माननीय महोदय! सव्यसाची अर्जुन के बाणों से घायल होकर हाथी, घोड़े और मनुष्य चक्कर खाते, लड़खड़ाते, गिरते, चीखते और उदास हो जाते॥ 15॥
Honorable Sir! The elephants, horses and men hit by the arrows of Savyasachi Arjuna would whirl around, stumble, fall, scream and remain dejected.॥ 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥