Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.18.6: उसका हाथी सुन्दर रूप से सुशोभित था, गजासुर के समान बलवान था, महामेघ के समान गर्जना करता हुआ शत्रुओं को कुचल रहा था। उस पर आरूढ़ होकर दण्डधर ने अपने बाणों से हजारों रथियों, घोड़ों, मदमस्त हाथियों और पैदलों को भी मारना आरम्भ कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.18: अर्जुनके द्वारा हाथियोंसहित दण्डधार और दण्ड आदिका वध तथा उनकी सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 18: अर्जुनके द्वारा हाथियोंसहित दण्डधार और दण्ड आदिका वध तथा उनकी सेनाका पलायन  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  8.18.6 
सुकल्पितं दानवनागसंनिभं
महाभ्रनिर्ह्रादममित्रमर्दनम्।
रथाश्वमातङ्गगणान् सहस्रश:
समास्थितो हन्ति शरैर्नरानपि॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उसका हाथी सुन्दर रूप से सुशोभित था, गजासुर के समान बलवान था, महामेघ के समान गर्जना करता हुआ शत्रुओं को कुचल रहा था। उस पर आरूढ़ होकर दण्डधर ने अपने बाणों से हजारों रथियों, घोड़ों, मदमस्त हाथियों और पैदलों को भी मारना आरम्भ कर दिया।
 
His elephant was beautifully decorated, it was as strong as Gajasur, roared like a great cloud and trampled the enemies. Mounted on it, Dandadhar started killing thousands of chariots, horses, maddened elephants and even pedestrians with his arrows. 6.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)