Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.17.15: तब द्रोणकुमार अश्वत्थामा ने अपने तीखे बाणों से अर्जुन के बाणों को रोककर श्रीकृष्ण और अर्जुन को ढक लिया और वे आकाश में चन्द्रमा और सूर्य को ढकते हुए वर्षा ऋतु में गरजने वाले बादलों के समान बड़े जोर से गर्जना करने लगे॥15॥ | mahabharat अध्याय 8.17: अर्जुनके द्वारा अश्वत्थामाकी पराजय । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब द्रोणकुमार अश्वत्थामा ने अपने तीखे बाणों से अर्जुन के बाणों को रोककर श्रीकृष्ण और अर्जुन को ढक लिया और वे आकाश में चन्द्रमा और सूर्य को ढकते हुए वर्षा ऋतु में गरजने वाले बादलों के समान बड़े जोर से गर्जना करने लगे॥15॥
Then Drona Kumar Ashwatthama, after stopping Arjun's arrows with his sharp arrows, covered Shri Krishna and Arjun and he started roaring loudly like the thundering clouds in the rainy season, covering the moon and the sun in the sky. 15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥