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mahabharat 8.16.d7: युद्ध में आगे बढ़ते समय जब अश्वत्थामा बाएँ-दाएँ बाण छोड़ते थे, तो उनके धनुष की डोरी बादलों में बिजली की तरह चमकती हुई दिखाई देती थी।   |   mahabharat अध्याय 8.16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध  »  श्लोक d7
 
 
श्लोक  8.16.d7 
ज्या चास्य चरतो युद्धे सव्यं दक्षिणमस्यत:।
विद्युदम्भोधरस्येव भ्राजमाना व्यदृश्यत॥
 
 
अनुवाद
युद्ध में आगे बढ़ते समय जब अश्वत्थामा बाएँ-दाएँ बाण छोड़ते थे, तो उनके धनुष की डोरी बादलों में बिजली की तरह चमकती हुई दिखाई देती थी।
 
While moving in the war, the string of Ashwatthama's bow was seen flashing like lightning in the clouds when he released arrows left and right.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)