Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.16.d11-d12: राजन! वह क्रोध में गहरी साँस लेकर युद्धभूमि में अश्वत्थामा को इस प्रकार देखने लगा मानो उसे अपनी दृष्टि से जला डालेगा। वह बार-बार अर्जुन की ओर भी देखने लगा। तब क्रोधित श्रीकृष्ण ने अर्जुन से प्रेमपूर्वक कहा। | mahabharat अध्याय 8.16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स रोषान्नि:श्वसन् राजन् निर्दहन्निव चक्षुषा॥
द्रौणिं ददर्श संग्रामे फाल्गुनं च मुहुर्मुहु:।
तत: क्रुद्धोऽब्रवीत् कृष्ण: पार्थं सप्रणयं वच:॥
अनुवाद
राजन! वह क्रोध में गहरी साँस लेकर युद्धभूमि में अश्वत्थामा को इस प्रकार देखने लगा मानो उसे अपनी दृष्टि से जला डालेगा। वह बार-बार अर्जुन की ओर भी देखने लगा। तब क्रोधित श्रीकृष्ण ने अर्जुन से प्रेमपूर्वक कहा।
King! He took a deep breath in anger and started looking at Ashwatthama in the battlefield as if he would burn him with his sight. He also started looking at Arjuna repeatedly. Then enraged Shri Krishna said to Arjuna lovingly.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥