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mahabharat 8.16.d10: प्रजानाथ! जब वहाँ द्रोणपुत्र बढ़ने लगे और कुन्तीपुत्र का पराक्रम घटने लगा, तब श्रीकृष्ण को बड़ा क्रोध आया।   |   mahabharat अध्याय 8.16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध  »  श्लोक d10
 
 
श्लोक  8.16.d10 
वर्धमाने ततस्तत्र द्रोणपुत्रे विशाम्पते॥
हीयमाने च कौन्तेये कृष्णं रोष: समाविशत्।
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! जब वहाँ द्रोणपुत्र बढ़ने लगे और कुन्तीपुत्र का पराक्रम घटने लगा, तब श्रीकृष्ण को बड़ा क्रोध आया।
 
Prajanath! When Drona's son started growing there and Kunti's son's prowess started decreasing, then Shri Krishna became very angry.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)