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mahabharat 8.16.42: गाण्डीव धनुष से छोड़े गए विभिन्न प्रकार के बाण युद्धभूमि में एक कोस से अधिक दूरी पर खड़े हाथियों और मनुष्यों को भी मार सकते थे।   |   mahabharat अध्याय 8.16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  8.16.42 
ते गाण्डीवप्रमुक्तास्तु नानारूपा: पतत्रिण:।
क्रोशे साग्रे स्थितान् घ्नन्ति द्विपांश्च पुरुषान् रणे॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
गाण्डीव धनुष से छोड़े गए विभिन्न प्रकार के बाण युद्धभूमि में एक कोस से अधिक दूरी पर खड़े हाथियों और मनुष्यों को भी मार सकते थे।
 
Various types of arrows shot from the Gāṇḍīva bow could kill even elephants and men standing at a distance of more than a kos on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)