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mahabharat 8.16.4: शत्रुओं का नाश करने वाले अर्जुन ने समुद्र के समान विशाल संशप्तक सेना में प्रवेश करके उसे उसी प्रकार उद्वेलित कर दिया, जैसे प्रचण्ड वायु समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पन्न कर देती है।   |   mahabharat अध्याय 8.16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  8.16.4 
पार्थ: संशप्तकबलं प्रविश्यार्णवसंनिभम्।
व्यक्षोभयदमित्रघ्नो महावात इवार्णवम्॥ ४॥
 
 
अनुवाद
शत्रुओं का नाश करने वाले अर्जुन ने समुद्र के समान विशाल संशप्तक सेना में प्रवेश करके उसे उसी प्रकार उद्वेलित कर दिया, जैसे प्रचण्ड वायु समुद्र में ज्वार-भाटा उत्पन्न कर देती है।
 
Entering the vast Samshaptaka army, which was as big as the ocean, Arjuna, the destroyer of enemies, agitated it just as a strong wind raises tides in the ocean.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)