तत: शरसहस्राणि प्रयुतान्यर्बुदानि च।
ससृजे द्रौणिरायस्त: संस्तभ्य च रणेऽर्जुनम्॥ ३३॥
अनुवाद
तत्पश्चात् द्रोणकुमार अश्वत्थामा ने युद्धस्थल में अर्जुन को स्तब्ध करने का बड़ा प्रयत्न किया और उन पर हजारों, लाखों तथा करोड़ों बाणों की वर्षा करने लगे॥33॥
Thereafter, Drona Kumar Ashwatthama tried hard to stun Arjuna in the battlefield and started showering thousands, lakhs and billions of arrows on him. 33॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥