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श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 16: अर्जुनका संशप्तकों तथा अश्वत्थामाके साथ अद्भुत युद्ध  »  श्लोक 32
 
 
श्लोक  8.16.32 
सज्यं कृत्वा निमेषाच्च विव्याधार्जुनकेशवौ।
त्रिभि: शतैर्वासुदेवं सहस्रेण च पाण्डवम्॥ ३२॥
 
 
अनुवाद
पलक झपकते ही उसने धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर अर्जुन और श्रीकृष्ण को भेद दिया। उसने श्रीकृष्ण पर तीन सौ और अर्जुन पर एक हजार बाण छोड़े।
 
In the blink of an eye he strung the bow and pierced Arjuna and Shri Krishna. He shot three hundred arrows at Shri Krishna and one thousand arrows at Arjuna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)