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महाराज ! इस प्रकार शत्रुता के ताप से बार-बार व्याकुल होने वाले पाण्डुपुत्र भीमसेन को भी उनके सारथि विशोक ने युद्धभूमि से दूर हटा लिया ॥ 44॥
Maharaj! In this manner, Pandu's son Bhimasena, who was repeatedly agitated by the heat of enmity, was also taken away from the battlefield by his charioteer Vishoka. ॥ 44॥
इति श्रीमहाभारते कर्णपर्वणि अश्वत्थामभीमसेनयोर्युद्धे पञ्चदशोऽध्याय:॥ १५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत कर्णपर्वमें अश्वत्थामा और भीमसेनका युद्धविषयक पन्द्रहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १५॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥