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mahabharat 8.15.43: राजन! तत्पश्चात् द्रोणपुत्र को मूर्छित पाकर सारथि ने समस्त सेना के देखते-देखते उसे रणभूमि से बाहर निकाल दिया॥43॥   |   mahabharat अध्याय 8.15: अश्वत्थामा और भीमसेनका अद्भुत युद्ध तथा दोनोंका मूर्च्छित हो जाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 15: अश्वत्थामा और भीमसेनका अद्भुत युद्ध तथा दोनोंका मूर्च्छित हो जाना  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  8.15.43 
ततस्तु सारथिर्ज्ञात्वा द्रोणपुत्रमचेतनम्।
अपोवाह रणाद् राजन् सर्वसैन्यस्य पश्यत:॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
राजन! तत्पश्चात् द्रोणपुत्र को मूर्छित पाकर सारथि ने समस्त सेना के देखते-देखते उसे रणभूमि से बाहर निकाल दिया॥43॥
 
Rajan! Thereafter, finding Drona's son unconscious, the charioteer took him out of the battlefield in full view of the entire army. 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)