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mahabharat 8.15.39: उस महायुद्ध में वे एक-दूसरे के ध्वजों, रथियों और घोड़ों को छेदकर एक-दूसरे को घायल कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 8.15: अश्वत्थामा और भीमसेनका अद्भुत युद्ध तथा दोनोंका मूर्च्छित हो जाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 15: अश्वत्थामा और भीमसेनका अद्भुत युद्ध तथा दोनोंका मूर्च्छित हो जाना  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  8.15.39 
तावन्योन्यं ध्वजं विद्‍ध्वा सारथिं च महारणे।
अन्योन्यस्य हयान् विद्‍ध्वा बिभिदाते परस्परम्॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
उस महायुद्ध में वे एक-दूसरे के ध्वजों, रथियों और घोड़ों को छेदकर एक-दूसरे को घायल कर रहे थे।
 
In that great war they were wounding each other by piercing each other's flags, charioteers and horses.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)