श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 15: अश्वत्थामा और भीमसेनका अद्भुत युद्ध तथा दोनोंका मूर्च्छित हो जाना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  8.15.35 
प्रशंसन्ति तदा देवा: सिद्धाश्च परमर्षय:।
साधु द्रौणे महाबाहो साधु भीमेति चाब्रुवन्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
उस समय देवता, सिद्ध और महर्षि उन दोनों की स्तुति करके कहने लगे - 'महाबाहो द्रोणकुमार! धन्यवाद! भीमसेन! आपको भी धन्यवाद ॥35॥
 
At that time the Gods, Siddhas and Maharishis started praising both of them and saying – 'Mighty-armed Drona Kumar! Thank you! Bhimsen! Thanks for you too. 35॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)