Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 8.15.24-25h: भरत! उन दोनों के छोड़े हुए बाण आपकी सेना के चारों ओर गिरने लगे और सब दिशाएँ प्रकाशित होने लगीं।   |   mahabharat अध्याय 8.15: अश्वत्थामा और भीमसेनका अद्भुत युद्ध तथा दोनोंका मूर्च्छित हो जाना   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 15: अश्वत्थामा और भीमसेनका अद्भुत युद्ध तथा दोनोंका मूर्च्छित हो जाना  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  8.15.24-25h 
ते बाणा: समसज्जन्त मुक्तास्ताभ्यां तु भारत॥ २४॥
द्योतयन्तो दिश: सर्वास्तव सैन्यं समन्तत:।
 
 
अनुवाद
भरत! उन दोनों के छोड़े हुए बाण आपकी सेना के चारों ओर गिरने लगे और सब दिशाएँ प्रकाशित होने लगीं।
 
Bhaarata! The arrows shot by them both started falling all around your army, illuminating all directions. 24 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)