Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 8.15.12: जैसे सम्पूर्ण जगत् का नाश करने के लिए उदित हुए दो प्रज्वलित सूर्य अपनी किरणों से एक दूसरे को तपा रहे हैं, उसी प्रकार वे दोनों वीर अपने उत्तम बाणों द्वारा एक दूसरे को पीड़ा पहुँचा रहे थे॥12॥ | mahabharat अध्याय 8.15: अश्वत्थामा और भीमसेनका अद्भुत युद्ध तथा दोनोंका मूर्च्छित हो जाना । mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे सम्पूर्ण जगत् का नाश करने के लिए उदित हुए दो प्रज्वलित सूर्य अपनी किरणों से एक दूसरे को तपा रहे हैं, उसी प्रकार वे दोनों वीर अपने उत्तम बाणों द्वारा एक दूसरे को पीड़ा पहुँचा रहे थे॥12॥
Just as two blazing suns, which have risen to destroy the entire world, are heating each other with their rays, similarly those two heroes were tormenting each other with their excellent arrows.॥ 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥