श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  8.14.9 
श्रुतकर्माणमथ वै नाराचेन स्तनान्तरे।
बिभेद तरसा शूरस्तिष्ठ तिष्ठेति चाब्रवीत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तब उस वीर राजा ने श्रुतकर्मा की छाती पर एक अत्यन्त प्रबल बाण मारा और कहा, 'खड़ा रह, खड़ा रह।'
 
Then that valiant king struck Shrutakarma on his chest with a very strong arrow and said, 'Stand, stand.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)