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mahabharat 8.14.6: तत्पश्चात्, होश में आकर महारथी चित्रसेन ने भाले से श्रुतकर्मा का धनुष काट डाला तथा सात बाणों से उसे घायल भी कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 8.14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण   ।   mahabharat पर्व 8: कर्ण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  8.14.6 
प्रतिलभ्य तत: संज्ञां चित्रसेनो महारथ:।
धनुश्चिच्छेद भल्लेन तं च विव्याध सप्तभि:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, होश में आकर महारथी चित्रसेन ने भाले से श्रुतकर्मा का धनुष काट डाला तथा सात बाणों से उसे घायल भी कर दिया।
 
Thereafter, regaining consciousness, the great warrior Chitrasena cut off the bow of Shrutakarma with a spear and also wounded him with seven arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)