श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  8.14.36 
तान् विधम्य महाबाहु: शरजालेन संयुगे।
व्यद्रावयत् तव चमूं वज्रहस्त इवासुरीम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
जैसे वज्रधारी इन्द्र दैत्यों की सेना को भगा देते हैं, उसी प्रकार युद्धस्थल में महाबाहु प्रतिविन्ध्य ने अपने बाणों से उन अस्त्रों को नष्ट करके आपकी सेना को भगा दिया।
 
Just as the thunderbolt-wielding Indra drives away the army of demons, similarly, on the battlefield, the mighty-armed Prativindhya destroyed those weapons with his arrows and drove away your army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)