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श्री महाभारत
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पर्व 8: कर्ण पर्व
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अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण
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श्लोक 35
श्लोक
8.14.35
सृजन्तो विविधान् बाणान् शतघ्नीश्च सकिंकिणी:।
तमवच्छादयामासु: सूर्यमभ्रगणा इव॥ ३५॥
अनुवाद
जैसे बादल सूर्य को ढक लेते हैं, उसी प्रकार उन योद्धाओं ने नाना प्रकार के बाणों और शतघ्नियों के प्रहार से उसे ढक लिया।
Just as clouds cover the Sun, similarly those warriors covered it with their attacks of various kinds of arrows and Shataghnis (small bells).
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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