श्री महाभारत  »  पर्व 8: कर्ण पर्व  »  अध्याय 14: द्रौपदीपुत्र श्रुतकर्मा और प्रतिविन्ध्यद्वारा क्रमश: चित्रसेन एवं चित्रका वध, कौरव-सेनाका पलायन तथा अश्वत्थामाका भीमसेनपर आक्रमण  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  8.14.34 
चित्रं सम्प्रेक्ष्य निहतं तावका रणशोभिन:।
अभ्यद्रवन्त वेगेन प्रतिविन्ध्यं समन्तत:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
चित्र को मारा गया देख, युद्ध में प्रतापी आपके योद्धाओं ने सब ओर से बड़े बल से प्रतिविन्ध्य पर आक्रमण किया। 34.
 
Seeing Chitra killed, your warriors, who were glorious in battle, attacked Prativindhya with great force from all sides. 34.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)